रेडियो प्लेबैक वार्षिक टॉप टेन - क्रिसमस और नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित


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प्लेबैक की टीम और श्रोताओं द्वारा चुने गए वर्ष के टॉप १० गीतों को सुनिए एक के बाद एक. इन गीतों के आलावा भी कुछ गीतों का जिक्र जरूरी है, जो इन टॉप १० गीतों को जबरदस्त टक्कर देने में कामियाब रहे. ये हैं - "धिन का चिका (रेड्डी)", "ऊह ला ला (द डर्टी पिक्चर)", "छम्मक छल्लो (आर ए वन)", "हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च)", "चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना)", "बोझिल से (आई ऍम)", "लाईफ बहुत सिंपल है (स्टैनले का डब्बा)", और "फकीरा (साउंड ट्रेक)". इन सभी गीतों के रचनाकारों को भी प्लेबैक इंडिया की बधाईयां

Tuesday, July 22, 2008

" मैं निरंतर प्रयत्नशील हूँ, अभी बहुत कुछ सीखना है....", सुभोजित को है अपने संगीत पर विश्वास, आवाज़ पर इस हफ्ते का सितारा.



आवाज़ पर इस हफ्ते के हमारे सितारे हैं, मात्र १६ साल के एक बेहद प्रतिभाशाली संगीतकार - सुभोजित, जिनका पहला स्वरबद्ध किया गीत "आवारा दिल" बीते शुक्रवार आवाज़ पर ओपन हुआ और अत्याधिक सराहा गया.

दमदम कैंट, कोलकत्ता के निवासी सुभोजित, ११ वीं कक्षा के छात्र हैं, और संगीत को ही अपनी जिंदगी, अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। ९ साल की उम्र से ही सुभोजित ने पियानो से खेलना शुरू कर दिया था, तीसरी कक्षा में थे जब पहली बार सुरों को पिरोकर एक धुन बनायी, धुन तो बचकानी थी, पर जो धुन उसके बाद दिलो-दिमाग पर सवार हुई, वो कभी नही उतारी।

मात्र १३ साल की उम्र थी, जब पहली "full fledge composition" बनायी, और तभी से सुभोजित ने यह जान लिया और मान लिया, कि वो संगीत ही है, जिसके लिए उनका जन्म हुआ है. तब से पढ़ाई के बाद जो भी समय उन्हें मिलता है, समर्पित कर देते हैं वो - अपने संगीत को। मोजार्ट, बीथोवन, यानी, और ऐ.आर.रहमान खूब सुनते हैं ये, और संगीत पर लिखी किताबें पढ़ने का शौक रखते हैं।

शास्त्रीय संगीत को अपना आधार मानने वाले सुभोजित, पिछले दो सालों से हिन्दुस्तानी गायन में दीक्षा ले रहे हैं। माता-पिता और गुरु के आशीर्वाद को अपनी ताक़त मानने वाले सुभोजित से, जब हिंद युग्म ने जानना चाहा कि अपने पहले गीत को मिली सफलता के बाद वो कैसा महसूस कर रहे हैं, तो आत्मविश्वास से भरे सुभोजित का जवाब था, " ये तो बस शुरूवात है, मैं निरंतर प्रयत्नशील हूँ, अभी बहुत कुछ सीखना है, और सीख रहा हूँ, मेरा दावा है कि आने वाले समय में मैं और बेहतर काम कर के दिखाऊंगा...".

और जब हमने जानना चाहा कि युग्म परिवार से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं, तो कुछ ये शब्द थे उनके -

"I would like to thank Hind Yugm, for giving an opportunity to compose. I'm doing three more songs and learning a lot at the same time.Thank you all, for such great response to my first song, I will definitely give better results, taking tips from your comments. Thanks for your love, please wish me best of luck for my music career."

यकीनन सुभोजित, युग्म परिवार की शुभकामनायें आपके साथ हमेशा रहेंगी, यूँ भी पश्चिम बंगाल की मिटटी ने संगीत की दुनिया को बहुत से नायाब हीरे दिए हैं, हम उम्मीद करेंगे कि आप भी आने वाले समय में संगीत के आसमान का एक चमकता हुआ सितारा बनें।

चित्र - सुभोजित (ऊपर), सुभोजित का home studio (नीचे)

आप भी सुभोजित का गीत "आवारा दिल" अवश्य सुनें और प्रोत्साहन/मार्गदर्शन दें.


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5 श्रोताओं का कहना है :

subodh का कहना है कि -

Amazing work Subhojeet! u have a bright future! keep it up!

शैलेश भारतवासी का कहना है कि -

सुभोजित जी,

हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ ले लीजिए। आपके पहले गीत तो हमारा दिल जीत लिया है। मुझे विश्वास है कि अगला गाना इससे भी बढ़िया होगा।

सजीव सारथी का कहना है कि -

it was greating with u subho, keep up the good work

BRAHMA NATH TRIPATHI का कहना है कि -

बहुत अच्छा सुभोजित जी हमारी दुआएं है आप और आगे बढे और बुलंदी को छुएं

अवनीश एस तिवारी का कहना है कि -

keep it dear

Avaneesh

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