रेडियो प्लेबैक वार्षिक टॉप टेन - क्रिसमस और नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित


ComScore
प्लेबैक की टीम और श्रोताओं द्वारा चुने गए वर्ष के टॉप १० गीतों को सुनिए एक के बाद एक. इन गीतों के आलावा भी कुछ गीतों का जिक्र जरूरी है, जो इन टॉप १० गीतों को जबरदस्त टक्कर देने में कामियाब रहे. ये हैं - "धिन का चिका (रेड्डी)", "ऊह ला ला (द डर्टी पिक्चर)", "छम्मक छल्लो (आर ए वन)", "हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च)", "चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना)", "बोझिल से (आई ऍम)", "लाईफ बहुत सिंपल है (स्टैनले का डब्बा)", और "फकीरा (साउंड ट्रेक)". इन सभी गीतों के रचनाकारों को भी प्लेबैक इंडिया की बधाईयां

Friday, May 29, 2009

सुनो कहानी: शिखर-पुरुष



ज्ञानप्रकाश विवेक की "शिखर-पुरुष"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने "किस से कहें" वाले अमिताभ मीत की आवाज़ में सआदत हसन मंटो की "कसौटी" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं चर्चित कहानीकार ज्ञानप्रकाश विवेक की शिखर-पुरुष, जिसको स्वर दिया है कनाडा निवासी स्वप्न मंजूषा ने। कहानी का कुल प्रसारण समय ३६ मिनट ४० सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

ज्ञानप्रकाश विवेक की सबसे चर्चित कहानी 'शिखर-पुरुष' का टेक्स्ट हिंद युग्म पर कहानी कलश में उपलब्ध है।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।

ञानप्रकाश विवेक की कहानियों में सामाजिक विडम्बनाओं के विभिन्न मंजर उपस्थित रहते हैं।

हर शनिवार को आवाज़ पर सुनिए एक नयी कहानी

चाय का कप है कोई परशुराम का धनुष नहीं। कहा नहीं था मैने, क्योंकि तुम्हें यह फब्ती बुरी लग सकती थी।
(ज्ञानप्रकाश विवेक की "शिखर-पुरुष" से एक अंश)


नीचे के प्लेयर से सुनें.
(प्लेयर पर एक बार क्लिक करें, कंट्रोल सक्रिय करें फ़िर 'प्ले' पर क्लिक करें।)


यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से डाऊनलोड कर लें
MP3

#Twenty-third Story, Shikhar Purush: Gyan Prakash Vivek/Hindi Audio Book/2009/18. Voice: Swapn Manjusha

फेसबुक-श्रोता यहाँ टिप्पणी करें
अन्य पाठक नीचे के लिंक से टिप्पणी करें-

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

3 श्रोताओं का कहना है :

सजीव सारथी का कहना है कि -

ये कहानी कभी कहानी कलश पर पढ़ी न जा सकी. आज यहाँ सुनकर आपने दिन बना दिया. स्वप्न मञ्जूषा जी की आवाज़ और प्रस्तुति बहुत ही शानदार लगी. कहानी में बनवारी का चरित्र इतने उत्कृष्ट तरीके से उभरा गया है की क्या कहने...मज़ा आ गया

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन का कहना है कि -

यह प्रस्तुति कहानी और वाचन दोनों ही स्तरों पर उत्कृष्ट है. मज़ा आ गया.

parimal का कहना है कि -

कहानी बहुत अच्छी लगी, परन्तु कहानी की प्रस्तुति उससे भी ज्यादा अच्छी लगी | स्वप्न मंजूषा जी की आवाज़ ने कहानी को जीवंत कर दिया है | कहानी काफी लम्बी थी, मैंने पढने की कोशिश की थी, लेकिन पढ़ नहीं पाया था, आज सुनकर मज़ा आगया | स्वप्न मंजूषा जी बधाई की पात्रा हैं | आशा है अगली बार और भी अच्छी प्रस्तुति उनसे सुनने को मिलेगी | हिंदी-युग्म की इस कोशिश के लिए हम आभारी हैं |

आप क्या कहना चाहेंगे? (post your comment)

संग्रहालय

25 नई सुरांगिनियाँ