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प्लेबैक की टीम और श्रोताओं द्वारा चुने गए वर्ष के टॉप १० गीतों को सुनिए एक के बाद एक. इन गीतों के आलावा भी कुछ गीतों का जिक्र जरूरी है, जो इन टॉप १० गीतों को जबरदस्त टक्कर देने में कामियाब रहे. ये हैं - "धिन का चिका (रेड्डी)", "ऊह ला ला (द डर्टी पिक्चर)", "छम्मक छल्लो (आर ए वन)", "हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च)", "चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना)", "बोझिल से (आई ऍम)", "लाईफ बहुत सिंपल है (स्टैनले का डब्बा)", और "फकीरा (साउंड ट्रेक)". इन सभी गीतों के रचनाकारों को भी प्लेबैक इंडिया की बधाईयां

Friday, July 31, 2009

प्रेमचंद के जन्मदिन पर विशेष "झाँकी"



सुनो कहानी: मुंशी प्रेमचंद की "झाँकी"

'सुनो कहानी' इस स्तम्भ के अंतर्गत हम आपको सुनवा रहे हैं प्रसिद्ध कहानियाँ। पिछले सप्ताह आपने अमिताभ मीत की आवाज़ में सआदत हसन मंटो की कहानी "आँखें" का पॉडकास्ट सुना था। आवाज़ की ओर से आज हम लेकर आये हैं प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कहानी "झांकी", जिसको स्वर दिया है अनुराग शर्मा ने।
कहानी का कुल प्रसारण समय 15 मिनट 44 सेकंड है। सुनें और बतायें कि हम अपने इस प्रयास में कितना सफल हुए हैं।

यदि आप भी अपनी मनपसंद कहानियों, उपन्यासों, नाटकों, धारावाहिको, प्रहसनों, झलकियों, एकांकियों, लघुकथाओं को अपनी आवाज़ देना चाहते हैं हमसे संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया यहाँ देखें।



मैं एक निर्धन अध्यापक हूँ...मेरे जीवन मैं ऐसा क्या ख़ास है जो मैं किसी से कहूं
~ मुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६)



मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन ३१ जुलाई पर विशेष प्रस्तुति


सेठ घूरेलाल उन आदमियों में हैं, जिनका प्रात: को नाम ले लो, तो दिन-भर भोजन न मिले। उनके मक्खीचूसपने की सैकड़ों ही दंतकथाऍं नगर में प्रचलित हैं।
(प्रेमचंद की "झाँकी" से एक अंश)

नीचे के प्लेयर से सुनें.
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यदि आप इस पॉडकास्ट को नहीं सुन पा रहे हैं तो नीचे दिये गये लिंक से ऑडियो फ़ाइल डाऊनलोड कर लें
Jhanki MP3

#Thirty second Story, Jhanki: Munshi Premchand/Hindi Audio Book/2009/26. Voice: Anurag Sharma

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4 श्रोताओं का कहना है :

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) का कहना है कि -

जन्म-दिन पर मुंशी प्रेमचन्द जी को नमन।

Disha का कहना है कि -

एक उम्दा साहित्यकार को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूँ.
प्रेमचंद जी की कहानियाँ हमेशा ही कमाल होती हैं.

Manju Gupta का कहना है कि -

कलम के धनी प्रेमचंद जी को कोटी -कोटी नमन .अगले अंश का इंतजार रहेगा .

google speedy cach का कहना है कि -

hey tum to kamla ka likahte ho

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