रेडियो प्लेबैक वार्षिक टॉप टेन - क्रिसमस और नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित


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प्लेबैक की टीम और श्रोताओं द्वारा चुने गए वर्ष के टॉप १० गीतों को सुनिए एक के बाद एक. इन गीतों के आलावा भी कुछ गीतों का जिक्र जरूरी है, जो इन टॉप १० गीतों को जबरदस्त टक्कर देने में कामियाब रहे. ये हैं - "धिन का चिका (रेड्डी)", "ऊह ला ला (द डर्टी पिक्चर)", "छम्मक छल्लो (आर ए वन)", "हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च)", "चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना)", "बोझिल से (आई ऍम)", "लाईफ बहुत सिंपल है (स्टैनले का डब्बा)", और "फकीरा (साउंड ट्रेक)". इन सभी गीतों के रचनाकारों को भी प्लेबैक इंडिया की बधाईयां

Wednesday, February 4, 2009

पद्मश्री हुए अमीन सयानी- आवाज़ की विशेष प्रस्तुति



सुनिए कमला भट्ट द्वारा लिये गये अमीन सयानी के ये नायाब इंटरव्यू

अपनी मखमली जादू भरी आवाज़ से दशकों तक हर उम्र के लोगों को सम्मोहित करने वाले आल इंडिया रेडियो के सबसे सफलतम संचालकों में से एक,अमीन सयानी को भारत सरकार ने ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए पदम् श्री से सम्मानित किया है.७७ वर्षीया सयानी हमेशा "बहनों और भाईयों" संबोधन से कार्यक्रम की शुरुआत किया करते थे,और गीतमाला,सिने कलाकारों की महफिल जैसे कार्यक्रमों से घर घर में पहचाने जाते थे. व्यवसायिक ब्राडकास्टिंग को नई बुलंदियां देने में उनका योगदान अतुलनीय है.

लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड २००५, के अनुसार उन्होंने ५४००० से अधिक रेडियो कार्यक्रमों का संचालन किया और लगभग १९००० प्रायोजित विज्ञापनों और स्पोट्स के माध्यम से अपनी आवाज़ भारत के आलावा, अमेरिका, कनाडा, श्री लंका, संयुक्त अरब अमीरात, न्यूजीलैंड, और ब्रिटन के श्रोताओं तक पहुंचाई. उनका एतिहासिक काउंट डाउन शो बिनाका गीत माला जो बाद में सिबाका गीत माला बना और फ़िर कोलगेट ने इसे प्रायोजित किया, ४६ वर्षों तक चला. पहले ये रेडियो सीलोन से सुनाई देता था. बाद में विविध भारती पर इसका प्रसारण जारी रहा. इस बेहद कामियाब संगीत काउंट डाउन को गीतों की लोकप्रियता का विश्वसनीय पैमाना माना जाता था, और सभी को इसका बेसब्री से इंतज़ार रहता था, जिस अंदाज़ से अमीन इस प्रस्तुत करते थे, वो तो बेमिसाल ही था. २००७ में हुए विविध भारती के गोल्डन जुबली समारोह में अमीन ने गीतमाला और अपने अन्य बहुत से कार्यक्रमों के माध्यम से विविध भारती के सुनहरे इतिहास को कुछ इस तरह बयान किया, आप भी देखें और सुने.



इसके आलावा अमीन ने मशहूर हस्तियों के साक्षात्कार, रेडियो नाटक और स्किट्स, क्विज शो, संगीत के विशेष कार्यक्रम, कैरियर सम्बंधित और एड्स से बचाव से जुड़े अनेकों अनेक कार्यक्रमों को अपनी आवाज़ दी. फ़िल्म "भूत बंगला","तीन देवियाँ", "बोक्सर", और "कातिल" जैसी फिल्मों में उद्घोषक की छोटी छोटी भूमिकाएं भी उन्होंने निभाई. अमीन के बारे में अधिक जानिए कमला भट्ट द्वारा लिए गए इस साक्षात्कार में, जहाँ उन्होंने अपने बहुत से अनुभवों को बांटा. इंटरव्यू ६ भागों में है जो हमें कमला जी के द्वारा इन्टरनेट पर प्रस्तुत "दा कमला शो" से प्राप्त हुआ है.



रेडियो सीलोन के साथ अमीन के अनुभव -


गीतमाला का उदय और नियमित श्रोताओं के बारे में -


बॉलीवुड और संगीत इंडस्ट्री -


किशोर कुमार और संजीव कुमार के दिलचस्प किस्से-


संगीतकार रोशन के बारे में और अपने सपनों के बारे में -


प्रस्तुति सहयोग - सुजोय चटर्जी
साक्षात्कार सौजन्य - कमला भट्ट


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3 श्रोताओं का कहना है :

निखिल आनन्द गिरि का कहना है कि -

बहुत-बहुत शुक्रिया....ये सचमुच नायाब प्रस्तुति है मेरे लिए....
निखिल

दिलीप कवठेकर का कहना है कि -

बहुत ही नायाब प्रस्तुती. आवाज़ की पूरी टीम को बधाई.

अमीन सायानी का अंदाज़े बयां बाद में कई लोगों ने अपनाया. केवल हरीश भिमानी और संजय पटेल को छोड कर..

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन का कहना है कि -

पद्मश्री सम्मान के लिए बहुत-बहुत बधाई! अमीन सयानी का अंदाज़ बाकई बेजोड़ रहा है. हिन्दी रेडियो को मशहूर करने में उनका बड़ा योगदान है.

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