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प्लेबैक की टीम और श्रोताओं द्वारा चुने गए वर्ष के टॉप १० गीतों को सुनिए एक के बाद एक. इन गीतों के आलावा भी कुछ गीतों का जिक्र जरूरी है, जो इन टॉप १० गीतों को जबरदस्त टक्कर देने में कामियाब रहे. ये हैं - "धिन का चिका (रेड्डी)", "ऊह ला ला (द डर्टी पिक्चर)", "छम्मक छल्लो (आर ए वन)", "हर घर के कोने में (मेमोरीस इन मार्च)", "चढा दे रंग (यमला पगला दीवाना)", "बोझिल से (आई ऍम)", "लाईफ बहुत सिंपल है (स्टैनले का डब्बा)", और "फकीरा (साउंड ट्रेक)". इन सभी गीतों के रचनाकारों को भी प्लेबैक इंडिया की बधाईयां

Tuesday, February 24, 2009

जनता का जागरण हुआ है- महाश्वेता देवी



सुनिए प्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी से शैलेश भारतवासी की बातचीत

जनवरी २००९ से हिन्द-युग्म ने, कला और साहित्य जगत की महान हस्तियों से इंटरव्यू के माध्यम से मिलवाने का स्तम्भ आरम्भ किया है। पिछले महीने आपने निदा फ़ाज़ली की निखिल आनंद गिरि, शैलेश भारतवासी और प्रेमचंद सहजवाला की बातचीत सुनी थी।

इस बार सुनिए भारत की मशहूर लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी से शैलेश भारतवासी की बातचीत। निदा फ़ाज़ली का साक्षात्कार लेने का अवसर हिन्द-युग्म को हिन्द-युग्म के ही सदस्य नाज़िम नक़वी ने उपलब्ध कराया था। महाश्वेता देवी से मिलने का अवसर भी शैलेश को नाज़िम ने
ही अपनी पत्रकार मित्र सादिया अज़िम ('समय' के कोलकाता शहर की वरिष्ठ संवाददाता) की मदद से उपलब्ध कराया। इस मुलाक़ात को सफल बनाने में कोलकाता के ब्लॉगर और 'समाज-विकास' के संपादक शम्भू चौधरी का भी बहुत सहयोग मिला। महाश्वेता देवी से पूछने के लिए हमने बहुत से पाठकों से प्रश्न आमंत्रित किये थे, उनमें से कुछ सवालों को शैलेश भारतवासी ने महाश्वेता देवी के सामने रखा भी, लेकिन उन्होंने बहुत से प्रश्नों को विषय से अलग मानकर उत्तर देने से इंकार कर दिया।

यह मुलाक़ात १३ फरवरी २००९ की है। स्थान- गोल्फ-ग्रीन, कोलकाता में स्थित महाश्वेता देवी का आवास।
चित्र- देबज्योति चक्रवर्ती

नीचे के प्लेयर से सुनें औरे बतायें कि यह मुलाक़ात कैसी लगी?




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12 श्रोताओं का कहना है :

नारदमुनि का कहना है कि -

unexpected, sadhuvad. narayan narayan

सजीव सारथी का कहना है कि -

बहुत बधाई...महाश्वेता जी जो महसूस करती हैं वही लिखती हैं, उनका जुडाव आम आदमी और उनकी समस्यों के साथ है जानकार बहुत अच्छा लगा...आज के दौर को उन्हीं के जैसे लेखको की दरकार है

संगीता पुरी का कहना है कि -

बहुत अच्‍छा लगा महाश्‍वेता देवी का इंटरव्‍यू सुनकर...उनके विचार जानकर....आपका बहुत बहुत आभार।

शोभा का कहना है कि -

महाश्वेता देवी जी के विचारों को जानकर बहुत अच्छा लगा।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन का कहना है कि -

बहुत सुन्दर प्रयास. अभी सुन नहीं पा रहा हूँ, मगर बधाई ज़रूर देना चाहूंगा. ऐसे प्रयास ही हिंद-युग्म को अपने पीयर-ग्रुप से कहीं आगे ले जाकर खडा करेंगे.

विश्व दीपक का कहना है कि -

बेहद प्रशंसनीय प्रयास।

महाश्वेता जी के बारे में आज तक बस पढता हीं रहा हूँ, आज शैलेश जी के माध्यम से उन्हें सुनकर मानो एक मनोकामना हीं पूरी हो गई।
नक़वी जी एवं शैलेश जी का तहे-दिल से शुक्रिया।

-विश्व दीपक

pooja का कहना है कि -

महाश्वेता जी को आवाज़ के द्वारा सुनवाने के लिए हिंद युग्म का आभार. सामान्य जन और उनकी समस्याओं से इनका जुडाव देख कर अच्छा लगा. बहुत प्रेरणादायक विचार दिए हैं इन्होने.


पुनः धन्यवाद
पूजा अनिल

Dr. Amar Jyoti का कहना है कि -

महान लेखिका के विचार उन्हीं के स्वर में सुनवाने के लिये हार्दिक आभार।

sudhir saxena 'sudhi' का कहना है कि -

महाश्‍वेता देवी का इंटरव्‍यू सुनकर, उनके विचार जानकर बहुत अच्छा लगा. भाई शैलेशजी, नक़वीजी, शम्भूजी तथा हिंद-युग्म को भी धन्यवाद.
-सुधीर सक्सेना 'सुधि'

Anonymous का कहना है कि -

महाश्वेता देवी कविता नहीं करतीं हैं, कविता हैं वे स्वयं, एक बेहद genuine कविता !!
बहुत सुन्दर लगी ये बात कि "आम आदमी का रिसर्च होता है किताब का नहीं !"
आपका उपकार रहा !
सादर

सुशीला पुरी का कहना है कि -

आपका आभार की आपने इतनी बड़ी शक्सियत की आवाज हम तक पहुंचाई ......महाश्वेता जी सुनना ही कविता सुनने जैसा है .... बहुत बहुत धन्यबाद .

रश्मि प्रभा... का कहना है कि -

महाश्वेता जी को सुनना ..... अविस्मर्णीय पल

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